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Holi Poetry: केदारनाथ अग्रवाल की कविता 'फूलों ने होली फूलों से खेली'

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फूलों ने
होली
फूलों से खेली

लाल
गुलाबी
पीत-परागी
रंगों की रँगरेली पेली

काम्य कपोली
कुंज किलोली
अंगों की अठखेली ठेली

मत्त मतंगी
मोद मृदंगी
प्राकृत कंठ कुलेली रेली

2 वर्ष पहले

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