हँसी का रंग हरा होता है
जहाँ-जहाँ भी हरापन है
तेरे ही खिलखिलाने की अनुगूँज है वहाँ-वहाँ
कल्पना का रंग होता है आसमानी
जहाँ तक पसरा हुआ है आसमान
तेरी कल्पनाओं के दायरे में आता है...
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