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अमीर खुसरो का गीत- ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल

अमीर खुसरो
                
                                                         
                            ज़े हाले मिसकीं मकुन तग़ाफ़ुल 
                                                                 
                            
दुराय नैना बनाय बतियाँ। 
कि ताबे-हिजरा न दारम् ऐ जां 
न लेहु काहे लगाय छतियाँ॥ 

शबाने-हिजराँ दराज़ चूं ज़ुल्फ़ो— 
रोज़े वसलत चूं उम्र कोताह। 
सखी पिया को जो मैं न देखूँ 
तो कैसे काटूँ अँधेरी रतियाँ॥ 
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3 वर्ष पहले

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