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Hindi Poetry: अज्ञेय की कविता- मुझे तीन दो शब्द

कविता
                
                                                         
                            मुझे तीन दो शब्द कि मैं कविता कह पाऊँ। 
                                                                 
                            

एक शब्द वह जो न कभी जिह्वा पर लाऊँ, 
और दूसरा : जिसे कह सकूँ 
किंतु दर्द मेरे से जो ओछा पड़ता हो। 
और तीसरा : खरा धातु, पर जिसको पाकर पूछूँ— 
क्या न बिना इसके भी काम चलेगा? और मौन रह जाऊँ। 

मुझे तीन दो शब्द कि मैं कविता कह पाऊँ। 

2 वर्ष पहले

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