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अदम गोंडवी की ग़ज़ल- जुल्फ अँगड़ाई तबस्सुम चाँद आईना गुलाब

अदम गोंडवी
                
                                                         
                            ज़ुल्फ़-अंगडाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब
                                                                 
                            
भुखमरी के मोर्चे पर ढल गया इनका शबाब

पेट के भूगोल में उलझा हुआ है आदमी
इस अहद में किसको फुर्सत है पढ़े दिल की क़िताब
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3 वर्ष पहले

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