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तस्वीरें, जो ग़ज़लों में बोलती हैं...

Ghazal
                
                                                         
                            झूम के जब रिंदों ने पिला दी 
                                                                 
                            
शैख़ ने चुपके चुपके दुआ दी 

एक कमी थी ताज-महल में 
मैं ने तिरी तस्वीर लगा दी 

आप ने झूटा वा'दा कर के 
आज हमारी उम्र बढ़ा दी 

हाए ये उन का तर्ज़-ए-मोहब्बत 
आँख से बस इक बूँद गिरा दी 

-कैफ़ भोपाली

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इक मोहब्बत की ये तस्वीर है दो रंगों में: जावेद अख़्तर

8 वर्ष पहले

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