ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें, दिलों में उल्फ़त नई-नई है,
अभी तक़ल्लुफ़ है गुफ़्तगू में, अभी मोहब्बत नई-नई है।
अभी न आएँगी नींद न तुमको, अभी न हमको सुकूँ मिलेगा
अभी तो धड़केगा दिल ज़्यादा, अभी मुहब्बत नई नई है।
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