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जन्माष्टमी विशेष - तुम ही तुम ही अधिनायक हो: नवीन सी. चतुर्वेदी

जन्माष्टमी विशेष - तुम ही तुम ही अधिनायक हो: नवीन सी. चतुर्वेदी।
                
                                                         
                            उँगली पै उठाय लिया गिरिराज, प्रबुद्ध, प्रवीण प्रशासक हो । 
                                                                 
                            
तुम कालिय नाग के नाथनहार  - सचेतक, तत्व-विचारक हो । 
कुबजा और द्रौपदि लाज रखी - तुम सत्य समाज सुधारक हो । 
तुम ही तुम ही तुम ही तुम ही तुम ही तुम ही अधिनायक हो ।। 

प्रेम का पाठ पढ़ाया हमें और भक्ति का भाव सिखाते रहे हो । 
जीवन की महिमा हमको मुरली की धुनों में सुनाते रहे हो । 
सभ्य समाज बने इस हेतु स-कारण चीर चुराते रहे हो । 
गौ-कुल के हित साधन को खुद माखन चोर कहाते रहे हो ।। 
 
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4 वर्ष पहले

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