किस मुहूरत में दिन निकलता है ?
शाम तक सिर्फ़ हाथ मलता है
वक़्त की दिल्लगी के बारे में
सोचता हूं तो दिल दहलता है
दोस्तों ने जिसे डुबोया हो
वो ज़रा देर से संभलता है
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