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आलोक धन्वा की मशहूर कविता: जिलाधीश- तुम एक पिछड़े हुए वक्ता हो

आलोक धन्वा की मशहूर कविता: जिलाधीश- तुम एक पिछड़े हुए वक्ता हो
                
                                                         
                            तुम एक पिछड़े हुए वक्ता हो
                                                                 
                            

तुम एक ऐसे विरोध की भाषा में बोलते हो
जैसे राजाओं का विरोध कर रहे हो
एक ऐसे समय की भाषा जब संसद का जन्म नहीं हुआ था

तुम क्या सोचते हो
संसद ने विरोध की भाषा और सामग्री को वैसा ही रहने दिया है
जैसी वह राजाओं के ज़माने में थी आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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