आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

बांग्ला के महत्वपूर्ण साहित्य के हिन्दी अनुवाद में संलग्न कवि 'उत्पल बैनर्जी'

Utpal banerjee receives shabd samman for bhasha bandhu
                
                                                         
                            

अमर उजाला शब्द सम्मान 2018 ‘भाषा-बंधु’ भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए उत्पल बैनर्जी को दिया जाएगा। उन्होंने प्रख्यात रचनाकार शंख घोष की बांग्ला गद्य कृति ‘नि:शब्द की तर्जनी’ का हिंदी अनुवाद किया है। यह किताब राजकमल प्रकाशन व रज़ा फ़ाउंडेशन से प्रकाशित है।

उत्पल बैनर्जी अनुवादक होने के साथ-साथ एक कवि भी हैं। उनका कविता-संग्रह ‘लोहा बहुत उदास है’ बहुत चर्चित हुआ था । उत्पल विगत कई वर्षों से बांग्ला के महत्वपूर्ण साहित्य के हिन्दी अनुवाद में संलग्न हैं। उनके वर्ष 2004 में ‘समकालीन बांग्ला प्रेम कहानियां’, 2005 में ‘दंतकथा के राजा रानी’ (सुनील गंगोपाध्याय की प्रतिनिधि कहानियां), ‘मैंने अभी-अभी सपनों के बीज बोए थे' (स्व. सुकांत भट्टाचार्य की श्रेष्ठ कविताएं) तथा 'सुकांत कथा' (कवि सुकांत भट्टाचार्य की जीवनी) के हिन्दी अनुवाद प्रकाशित हुए थे। 

वर्ष 2007 में 'झूमरा बीबी का मेला' (रमापद चौधुरी की प्रतिनिधि कहानियों का हिन्दी अनुवाद), वर्ष 2008 में बांग्ला के प्रख्यात लेखक नृसिंहप्रसाद भादुड़ी की द्रोणाचार्य के जीवनचरित पर आधारित प्रसिद्ध पुस्तक 'द्रोणाचार्य' का अनुवाद प्रकाशित हुआ।

आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर