मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर पश्चिमी न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान हमला हुआ। इस हमले का मसला दशकों पहले लिखी किताब सैटेनिक वर्सेज से जुड़ा है। रुश्दी का यह उपन्यास 1988 में प्रकाशित हुआ था। इसी के साथ ही यह धर्म विशेष द्वारा की गई आलोचना का शिकार हुआ। 1989 में ही रुश्दी के खिलाफ़ फतवा जारी कर दिया गया।
दरअसल, यह उपन्यास जादुई यथार्थवाद को समेटे पैगंबर के जीवन से प्रेरित माना जाता है। इसमें जिस तरह के पात्रों और कल्पनाओं का उपयोग हुआ है, उसे ईशनिंदा मान कर कई जगह उसकी प्रतियां जला दी गईं। पाकिस्तान में इसका पुरजोर विरोध हुआ। बाद में भारत द्वारा इसे बैन करने पर सलमान रुश्दी के प्रतिक्रिया दी कि किताब इस्लाम के बारे में न होकर प्रेम, मृत्यु, प्रवास आदि के बारे में है।
रुश्दी का यह चौथा उपन्यास 1988 के बुकर की अंतिम सूची तक पहुंचा था। साथ ही उसी वर्ष इसे व्हिटब्रेड सम्मान मिला था।
2 वर्ष पहले
कमेंट
कमेंट X