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‘रूह-ए-ग़ज़ल’ में हुआ लीजेण्ड्स शायरों को समर्पित कलाम और ग़ज़लों का बखान..

Rooh e ghazal programme on world music day
                
                                                         
                            
संगीत का हर आम आदमी के जीवन में विशिष्ट स्थान होता है और पूरे दिन की भाग-दौड़ के बाद भारतीय कला-संस्कृति से जुड़ी एक संगीतमय संध्या मिल जाये, जहां दिल्ली के लीजेण्ड्स शायरों को समर्पित कलाम और ग़ज़लों का बखान हो और विश्व संगीत दिवस का अवसर तो वह निश्चित रूप से एक यादगार सौगात व ना भूलने वाला पल बन जाता है। कुछ ऐसा ही मौका आज दिल्लीवासियों को मिला गैर सरकारी संगठन साक्षी-सियेट द्वारा आयोजित संगीत संध्या ‘रूह-ए-ग़ज़ल’ में। इंडिया हैबीटेट सेंटर में आयोजित यह संध्या गज़ल के तीन परास्नातक मीर, ग़ालिब, दाग देहलवी के नाम, काम एवम् एहतराम को समर्पित रही, ऐसे शायर जिनकी कला ने गजल को अमर बनाया। उनका समय, उनका व्यक्तित्व, उनकी कविताओं को जानने सुनने का अवसर था। मानो 18वीं एवम् 19वीं शताब्दी का औरा श्रोताओं के समक्ष जीवंत हो उठा था। 
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मौके पर...

8 वर्ष पहले

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