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वरिष्ठ कवि चंद्रकांत देवताले का निधन, साहित्य जगत में शोक

चंद्रकांत देवताले
                
                                                         
                            साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिंदी के कवि चंद्रकांत देवताले का बीमारी के बाद कल रात दिल्ली में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। उनके परिवार में दो बेटियां हैं। चंद्रकांत जी का अंतिम संस्कार दिल्ली के लोदी रोड स्थित श्मशान गृह में किया गया।
                                                                 
                            

चंद्रकांत हिंदी के कवियों में बड़े कवि माने जाते रहे। उन्होंने अपने समय की बेचैनियों को शिद्दत से अपनी कविताओं में व्यक्त किया। 1936 में बैतूल, मध्यप्रदेश में जन्मे भी देवताले हिंदी के उन विरले कवियों में गिने जाते थे जिनका काव्य मुहावरा सबसे तीक्ष्ण प्रभाव पैदा करनेवाला था। अपनी कविताओं में व्यंग्य, विनोद और प्रहार की समन्वित शैली के कारण उन्होंने अखिल भारतीय प्रतिष्ठा अर्जित की थी। 

वरिष्ठ कवि विष्णु नागर अमर उजाला को बताते हैं कि हिंदी के आठ-दस कवियों में देवताले जी एक बड़ा नाम थे। उन्होंने अपने समय की बेचैनियों को शिद्दत से अपनी कविताओं में जिया करते थे। चंद्रकात देवताले के निधन के बाद साहित्य जगत में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। आगे पढ़ें

साहित्य जगत में शोक की लहर

9 वर्ष पहले

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