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Koshala Literature Festival: विभाजन के बाद यूपी बिहार में बना उर्दू के खिलाफ माहौल

Koshala Literature Festival: Anti-Urdu atmosphere created in UP Bihar after partition
                
                                                         
                            चूंकि देश का विभाजन धार्मिक आधार पर हुआ था, ऐसे में पार्टीशन के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में उर्दू के खिलाफ माहौल बना। यह जानकारी फरहत एहसास ने बहुत जमीन थोड़ा आसमान विषयक चर्चा में दी। उन्होंने टेक्नोलॉजी के दौर में शायरी का मतलब सवाल पर जवाब दिया कि जैसे पहिये का अविष्कार क्रांतिकारी था, वैसे ही टेक्नोलॉजी से तरक्की हुई है। लेकिन यह तरक्की भौतिक है। इंसान के अंतरतम से शायरी का ताल्लुक होता है। उन्होंने यह  भी कहा कि शायरी अलग है और जूता बनाना अलग। छंद के बगैर जो शायरी होगी, उसमें रस नहीं होगा। छंद के बिना आर्डर पैदा नहीं होता, जिससे उसमें तहजीब नहीं होती। मंच पर अभिषेक शुक्ल और मनीष शुक्ल से उनकी गुफ्तगू हुई।
                                                                
                
                
                 
                                
                                                
3 वर्ष पहले

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