काव्य कैफ़े का अगला आयोजन 2 अक्टूबर यानी आज शाम 7 बजे हो रहा है। गांधी जयंती के अवसर पर संपूर्ण स्वदेशी अभियान के अंतर्गत यह कार्यक्रम किया जा रहा है जिसे काव्य के फेसबुक पेज और यूट्यब चैनल पर देखा जा सकता है।
इस अभियान का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की सोच को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 152वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड और अमर उजाला की ओर से यह आयोजन कई ज़िलों में किया जा रहा है। इसके तहत 'शहर स्वच्छ, हम स्वस्थ' की थीम पर बच्चों के लिए प्रतियोगिता हो रही है तो दूसरी तरफ़ कविता प्रेमियों के लिए काव्य-कैफ़े का आयोजन हो रहा है।
इस बार हमारे मेहमान कवि होंगे
राधाकांत पांडेय
राधाकांत रीवा के रहने वाले हैं। ओज के लोकप्रिय कवि हैं जो कई कवि सम्मेलनों में शिरकत कर चुके हैं। मंच पर लगातार सक्रिय रहते हैं।
ज्ञानप्रकाश आकुल
लखीमपुर खीरी के ज्ञानप्रकाश आकुल मंच के बड़े कवियों में से एक हैं। गीत, नवगीत, छंद के साथ-साथ छंदमुक्त कविताओं में भी सिद्धस्थ हैं।
सूरज मणि
बनारस के सूरज अनेक चैनलों व मंचों पर काव्य-पाठ कर चुके हैं।
प्रवीण कुमार पांडेय 'प्रज्ञार्थू'
प्रवीण संगीत में प्रभाकर हैं। छंद, मुक्तक और राष्ट्रवादी चेतनाओं से भरी कविताएं लिखते हैं। वह तरन्नुम में कविता प्रस्तुत करते हैं। देश के बड़े काव्य-मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।
साक्षी
युवा कवयित्री साक्षी को बचपन से ही कविताएं लिखने का शौक था। वह कई बड़े मंचों पर काव्य-पाठ कर चुकी हैं।
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