आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

ज्ञान चतुर्वेदी व्यंग्य की नोक से समाज और परिवेश के असल नाक-नक्श उकेरते हैं....

ज्ञान चतुर्वेदी व्यंग्य की नोक से समाज और परिवेश के असल नाक-नक्श उकेरते हैं....
                
                                                         
                            वर्ष 2018 की श्रेष्ठ कृतियों के लिए शब्द सम्मानों की घोषणा भी कर दी गई। 'छाप' श्रेणी में कथा (उपन्यास) वर्ग में ज्ञान चतुर्वेदी के उपन्यास 'पागलखाना',  को शब्द सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। पेशे से चिकित्सक लेकिन साथ-साथ समय और समाज को अपनी दृष्टि से देखने और उन अऩुभूतियों को कलम के जरिए साधने वाले ज्ञान चतुर्वेदी वर्तमान में व्यंग्य विधा के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। 
                                                                 
                            

उनके व्यंग्य की धार इतनी तीखी है कि पाठकों को अपनी ओर सिर्फ हास्य के जरिए खींचती ही नहीं, बल्कि हास्य और व्यंग्य में छुपे व्यवस्था की सच्चाई से भी रू ब रू करवाती है, व्यवस्थाजनित विसंगतियों और समाज के हृदय में चुभती है। व्यंग्य जरिए वे समय, समाज और राजनीति ही नहीं बल्कि संपूर्ण सामाजिक परिवेश का शब्दचित्र उकेर देते हैं।   आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर