‘हिन्दवी’ वेबसाइट (hindwi.org)—रेख़्ता फ़ाउंडेशन का उपक्रम है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति को संरक्षित और बढ़ावा देना है— 'हिन्दवी उत्सव' आयोजन के माध्यम से ‘हिन्दवी’ हिंदी साहित्य-संसार में अपनी दूसरी वर्षगाँठ को चिन्हित की, जो शनिवार, 30 जुलाई 2022 को साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली में आयोजित की गयी । समादृत हिंदी साहित्यकार विश्वनाथ त्रिपाठी ने , इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। 'हिन्दवी उत्सव' के उद्घाटन के बाद आयोजन में एक पैनल चर्चा ‘रचना में नया क्या’ और कविता-संध्या आयोजित की गयी जिसके माध्यम से हिंदी-प्रेमी, हिंदी के महत्त्वपूर्ण साहित्यकारों से रूबरू हुए.
‘हिन्दवी’ वेबसाइट का लोकार्पण कोरोना काल में—31 जुलाई, 2020 को—प्रेमचंद-जयंती पर, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा इस उद्देश्य से किया गया कि हिंदी साहित्य सुंदरतम, व्यवस्थित और प्रामाणिक रूप में भावी पीढ़ी के लिए सुलभ हो।
‘हिन्दवी उत्सव’ में दो सत्र आयोजित किये गए, पहला सत्र—'रचना में नया क्या’ और दूसरा सत्र—‘कविता-संध्या’। पहला सत्र—विमर्श सत्र था जिसमें चर्चा हुई कि साहित्य में क्या नया है या हो सकता है और इस पर हिंदी के श्रेष्ठ मस्तिष्क क्या सोचते हैं। दूसरे सत्र में हिंदी के महत्त्वपूर्ण कवि-व्यक्तित्वों का रचना-पाठ हुआ । दोनों सत्रों में हिंदी के अत्यंत महत्त्वपूर्ण रचनाकारों—नरेश सक्सेना, अशोक वाजपेयी, आलोकधन्वा, दिनेश कुमार शुक्ल, शुभा, श्यौराज सिंह बेचैन, गगन गिल, सविता सिंह, धीरेंद्र नाथ तिवारी, गरिमा श्रीवास्तव, व्योमेश शुक्ल और सुदीप्ति—की उपस्थिति रही । इस अवसर पर मुख्य अतिथि विश्वनाथ त्रिपाठी ने कहा, "कविता से लड़ाइयाँ बाहर नहीं हो सकतीं"
4 वर्ष पहले
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