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गगन गिल की कविताएं स्त्री मन की पीड़ा को उद्घाटित करती हैं...

गगन गिल
                
                                                         
                            वर्ष 2018 की श्रेष्ठ कृतियों के लिए शब्द सम्मानों की घोषणा भी कर दी गई। 'छाप' श्रेणी में कविता वर्ग में गगन गिल के संग्रह ‘मैं जब तक आई बाहर’ को चुना गया है। दशक भर से ज्यादा अंतराल पर उनकी कविताओं का नया संग्रह ‘मैं जब तक आई बाहर’ प्रकाशित हुआ है। गगन गिल की कविताओं ने हिंदी कविता को एक नया मुहाबरा और नई समझ दी है।  कविता संग्रह ‘मैं जब तक आई बाहर’ वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। 
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                
                                             
                                                
                                             
                                                
                                                                
                                        
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6 वर्ष पहले

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