प्रगतिशील कविता के अग्रणी कवि मलय जी का मंगलवार को रात्रि 9.00 बजे 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे हिन्दी साहित्य में मुक्तिबोध युगीन अंतिम कवि थे। डॉ. मलय ने अविभाजित मप्र में विभिन्न शासकीय कॉलेज में हिन्दी विषय का अध्यापन किया। मलय परसाई रचनावली के संपादकों में से एक थे। मलय को नयी कविता के बाद और अकविता से पहले के कवि माना जाता है।
मलय के प्रकाशित 13 काव्य संग्रह हैं। उनका आलोचनात्मक कार्य व्यंग्य का सौंदर्य शास्त्र काफी सराहा गया। वे सप्तऋषि सम्मान, भवानी प्रसाद मिश्र कृत पुरस्कार, हरिशंकर परसाई पुरस्कार आदि से सम्मानित किए गए थे।
2 वर्ष पहले
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