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नीरज लोगों से कहने लगे थे...शायद अब दुबारा मिलना न हो पाये...

नीरज
                
                                                         
                            प्रेम गीतों के महाकवि गोपाल दास नीरज अब हमारे बीच नहीं रहे। नीरज को अपने जाने का एहसास पहले से हो गया था। तभी तो वह पिछले छह माह के दौरान जहां भी जाते वहां कह देते थे कि शायद अब दुबारा न आना हो पाए...ये मेरी अंतिम यात्रा न हो। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार नीरज को गीतों के अलावा ज्योतिष की भी जानकारी थी। गत 16 जुलाई को जब नीरज मुरैना में बेटे अरस्तू प्रभाकर के पास जा रहे थे तब घर से निकलते समय उन्होंने अलीगढ़ में अपनी कोठी को खूब जी भर के देखा था।
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                
                                             
                                                
                                                                
                                        
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महाकवि का जाना...

8 वर्ष पहले

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