पूरा फरवरी माह मोहब्बत के रंगों से सराबोर रहता है और ऐसे मौसम में अगर प्रेम से परिपूर्ण कविताओं की महफिल का आयोजन हो जाये तो इस पूरे रोमांटिक माहौल में चार चाँद लग जाता है। इस वैलेन्टाइन सप्ताह के मौके पर अमर उजाला काव्य अपने कार्यक्रम "काव्य कैफे" की ऐसी ही एक हसीन महफिल 4 फरवरी 2023 को अपने नोएडा स्थित ऑफिस में सजाने जा रहा है जिसमें देश के भिन्न-भिन्न शहरों के युवा रचनाकार शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल होने वाले रचनाकार होंगे-
संकल्प जैन
संकल्प जैन गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से हैं और मुख्यत: श्रृंगार रस लिखते और गाते हैं। इनके मुक्तक और गीत श्रोताओं का मन मोह लेते हैं। ये अपनी सधी हुई तरन्नुम से महफिल में जान डाल देते हैं। इनके कुछ शानदार मुक्तक हैं-
ख़ामोशी से मौन नहीं काटा जाता
मजबूरी हो तो कौन नहीं काटा जाता
तू है कि मेरी बातें काटा करता है
मुझसे तेरा फ़ोन नहीं काटा जाता
जलेगा दिल नज़र पानी तो होगी
ख़ुदा ने कुछ न कुछ ठानी तो होगी
जिसे चाहा बड़ी शिद्दत से उसको
भुलाने में परेशानी तो होगी
ऋषभ शर्मा
ऋषभ शर्मा हिमाचल प्रदेश से हैं। इनकी गजलें और नज्में श्रोताओं को भाव- विभोर कर देती हैं। इनके कहे गये शेर युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं। इनके कुछ शानदार अशआर हैं-
हां जी हां जादू होने वाला है
तू बड़ा जादू टोने वाला है
खेलती जा मेरी जां खेलती जा
तेरा आशिक़ खिलौने वाला है
मनु वैशाली
मनु वैशाली शिवपुरी, मध्य प्रदेश से हैं। ये श्रृंगार रस में अपनी रचनायें लिखती हैं और तरन्नुम में गाती हैं। इनका मशहूर मोहिनी छंद है-
नैनन को मीच-मीच नैन कोर खीच-खींच,
मोटी कजरारी कारी धार करे मोहिनी,
मुस्काये मंद - मंद मन में ही मीत संग
मीठी-मीठी मौन मनुहार करे मोहिनी,
देख हाल चाल-ढाल आइना करै कमाल,
जाने कौन बात पे विचार करे मोहिनी,
बिसराय सुध-बुध खोई खड़ी ऐसन कि,
करके श्रृंगार बार-बार करे मोहिनी
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