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'फ्रैंकेंस्टाइन' का शीर्षक चरित्र इस प्रसिद्ध वैज्ञानिक के नाम पर है ....

 फ्रैंकेंस्टाइन
                
                                                         
                            'फ्रैंकेंस्टाइन' को विश्व साहित्य में विज्ञान फंतासी लेखन की शुरुआत भी माना जाता है और इस विषय पर अब तक लिखी गईं कृतियों में मील का पत्थर भी। इंग्लैंड के रॉयल मिंट ने अभी एक ऐसा सिक्का जारी किया है, जो इतिहास के किसी महानायक या किसी बड़ी ऐतिहासिक घटना को नहीं, एक साहित्यिक कृति को समर्पित है। 
                                                                 
                            

अंग्रेजी की जिस कृति को यह दुर्लभ सम्मान प्राप्त हुआ है, वह कृति है ब्रिटिश लेखिका मैरी शेली का 1818 में लिखा विश्वप्रसिद्ध उपन्यास 'फ्रैंकेंस्टाइन'। 'द मॉडर्न  प्रोमिथियस' इस उपन्यास का उप-शीर्षक है। इस साल यह कालजयी उपन्यास अपनी उम्र का दो सौ साल पूरे कर चुका है। मैरी (1797-1851) 19वीं सदी की अंग्रेजी उपन्यासकार, कथाकार, नाटककार थीं, जिन्हें मुख्य रूप से उनके उपन्यास 'फ्रैंकेंस्टाइन' के लिए जाना जाता है।  आगे पढ़ें

18 साल की उम्र में उपन्यास लेखन

8 वर्ष पहले

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