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ममता कालिया और अरमबम ओंगबी मेमचौबी को मिला अमर उजाला का सर्वोच्च शब्द सम्मान 'आकाशदीप'

अमर उजाला शब्द सम्मान
                
                                                         
                            
साहित्य जीवन के समग्र अवदान के लिए 2025 का अमर उजाला का सर्वोच्च शब्द सम्मान 'आकाशदीप'-हिंदी में प्रख्यात कथाकार ममता कालिया और हिंदीतर भाषाओं में मणिपुरी की विख्यात रचनाकार अरमबम ओंगबी मेमचौबी को दिया जाएगा।

अपने विपुल लेखन से उत्तर-औपनिवेशिक वैचारिकी और स्त्री अस्मिता के लिए मणिपुरी में विलक्षण योगदान देने वाली अरमबम ओंगबी मेमचौबी का मूल नाम डॉ. थौनोजाम चानू इबेमहल है। 1 जनवरी, 1957 को जन्मी और मैतेई पुराकथाओं पर खास काम करने वाली अरमबम ओंगबी मेमचौबी समकालीन मणिपुरी सृजन परिदृश्य की सशक्त आवाज हैं।

हिंदी के सर्वोच्च अलंकरण 'आकाशदीप' के लिए चयनित, 2 नवंबर, 1940 को जन्मीं ममता कालिया ने स्त्रीवाद की आरम्भिक हलचलों के बीच अपने लेखन से नई लकीर खींची और एक दर्जन से अधिक उल्लेखनीय कृतियां दी हैं। वह मध्यवर्ग की जटिलताओं और स्त्री की पहचान के संघर्ष को सशक्त स्वर देने के लिए जानी जाती हैं।  

आकाशदीप सम्मान पाने पर क्या रही विजेताओं की प्रतिक्रिया?
ममता कालिया ने कहा कि एक संघर्षधर्मी के लिए यह अनूठी और बहुमूल्य अनुभूति है। वहीं, अरमबम ओंगबी मेमचौबी ने कहा कि हिंदी ने मणिपुरी आवाज को अपने साथ शामिल कर सम्मान को अविस्मरणीय बना दिया है।

जानें क्या है अमर उजाला का सर्वोच्च शब्द सम्मान 'अमरदीप'?
  • सर्वोच्च ‘आकाशदीप’ अलंकरण हिंदी और अन्य भारतीय भाषा के एक-एक साहित्य मनीषी को अर्पित किया जाता है।
  • ‘आकाशदीप’ अलंकरण में पांच-पांच लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक के रूप में गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं।
  • अमर उजाला शब्द सम्मान शीघ्र ही एक समारोह में अर्पित किए जाएंगे।

श्रेष्ठ कृति सम्मान: वर्ष 2024 में प्रकाशित श्रेष्ठ हिंदी कृतियों के लिए भी शब्द सम्मान की घोषणा कर दी गई है। ये सम्मान सविता सिंह, नाइश हसन, शहादत, सुजाता शिवेन और मनीष यादव को दिया गया है। इन सम्मानों में एक-एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं।

ये भी पढ़ें- अमर उजाला शब्द सम्मान 2024: तीन पीढ़ियों की धुन और शब्दों की एक शाम, साधक हुए सम्मानित

छाप :
  • कविता वर्ग में सविता सिंह को उनके संग्रह ‘वासना एक नदी का नाम है’ सम्मान दिया गया है।
  • कथेतर वर्ग में नाइश हसन को उनकी कृति ‘मुताह’ के लिए चुना गया।
  • कथा वर्ग में युवा कलमकार शहादत को उनके संग्रह ‘कर्फ्यू की रात’ के लिए यह सम्मान दिया गया।
थाप (पहली किताब):
  • मनीष यादव को उनकी कृति ‘सुधारगृह की मालकिनें’ के लिए यह सम्मान दिया गया।
भाषा-बंधु (भारतीय भाषाओं में अनुवाद):
  • सुजाता शिवेन को ‘चरु चीवर और चर्या' (मूल उड़िया कृति : प्रदीप दाश) के हिंदी अनुवाद के लिए सम्मान मिलेगा।

...कलमकारों को साहित्य की कसौटियों पर किन हस्तियों ने परखा:
  • वर्षा दास (प्रख्यात कवि)  
  • विभूतिनारायण राय (जाने-माने लेखक)
  • धीरेन्द्र अस्थाना (ख्यात कथाकार)
  • दामोदर खड़से (प्रख्यात रचनाकार)
  • बलराम (चर्चित कहानीकार)
7 महीने पहले

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