UN में पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत को घेरना चाहा, लेकिन जयशंकर ने ऐसा जवाब दिया कि सवाल ही उल्टा पड़ गया। जयशंकर ने मुस्कुराते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आईना दिखा दिया। पाकिस्तानी पत्रकार बोलता रहा, लेकिन जयशंकर का एक जवाब पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भारी पड़ गया।
आखिर ऐसा क्या पूछा पाकिस्तानी पत्रकार ने, जिस पर जयशंकर ने बेबाक अंदाज में जवाब दिया?
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तल्खी एक बार फिर देखने को मिली। जयशंकर लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती के साथ शिपिंग और सीफेरर्स की सुरक्षा से जुड़े एक नए समूह की शुरुआत के मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे।
इसी दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत को लेकर सवाल करना शुरू किया। पत्रकार लगातार बोलता रहा। इसी बीच जयशंकर ने हल्की मुस्कान के साथ उसकी ओर देखते हुए कहा “एक आतंकी देश मुझसे ये पूछ रहा है? चलिए!”
जयशंकर की इस टिप्पणी के बाद भी पाकिस्तानी पत्रकार अपनी बात रखता रहा। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पत्रकार को रोकते हुए कहा “आपने उन्हें बिल्कुल साफ-साफ सुन लिया है।” इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जवाब चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की एक कड़ी एक दिन पहले की घटना से भी जुड़ती है।
गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से एक भारतीय पत्रकार ने सवाल किया था। शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंच रहे थे, तभी पत्रकार ने उनसे पूछा “प्रधानमंत्री, आप आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?”
इसके बाद पत्रकार ने पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को लेकर भी सवाल किया। पत्रकार ने पूछा कि पाकिस्तान हाफिज सईद के खिलाफ मुकदमा कब चलाएगा। हालांकि, शहबाज शरीफ ने दोनों सवालों का कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।
हाफिज सईद का नाम भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद से जुड़े विवाद में लंबे समय से सामने आता रहा है। वह लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूची में शामिल है। अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने पर इनाम की भी घोषणा की है।
यानी न्यूयॉर्क में दो दिनों के भीतर भारत और पाकिस्तान से जुड़े दो अलग-अलग घटनाक्रम सामने आए। पहले शहबाज शरीफ से आतंकवाद और हाफिज सईद पर सवाल हुए, जिनका उन्होंने जवाब नहीं दिया। इसके अगले दिन जयशंकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर विदेश मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को लेकर भारत की आपत्तियां सिर्फ इन घटनाओं तक सीमित नहीं हैं। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भी भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद और उसके कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए थे।
भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने और दूसरे देशों के क्षेत्र पर नजर रखने का आरोप लगाते हुए उसे अपनी अर्थव्यवस्था और विकास पर ध्यान देने की बात कही थी। भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नागरिकों के खिलाफ कथित कार्रवाई, छात्रों की गिरफ्तारियों और खाद्य सामग्री तथा दवाओं की कथित रोक का मुद्दा भी उठाया था।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बात साफ है संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। एक तरफ आतंकवाद का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी लगातार जारी है। न्यूयॉर्क से सामने आए इन दो घटनाक्रमों ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों में आतंकवाद के मुद्दे की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है।