काशीपुर में एसटीएफ और साइबर क्राइम कुमाऊं यूनिट ने दूरसंचार विभाग (डॉट) के साथ मिलकर काशीपुर क्षेत्र में चल रहे अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर और डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़ किया है। आरोपी इस सेटअप के जरिए अवैध रूप से आईएलडी (इंटरनेशनल लॉन्ग डिस्टेंस) गेटवे बाईपास कर रहे थे और रोबो कॉलिंग के जरिए बड़े पैमाने पर संदिग्ध कॉल्स संचालित कर रहे थे। एसटीएफ ने नईमुद्दीन निवासी मनकुआ मकसूदपुर, थाना डिलारी, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। मौके पर 1 कंप्यूटर सिस्टम एवं वर्चुअल मशीन डेटा, 3 जियो राउटर और 1 एयरटेल राउटर, 1 एसईटीयूप वीटीईपी उपकरण, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग डिवाइस बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर यह कार्रवाई की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि काशीपुर में एनएच इंटरप्राइजेंज नामक फर्म की आड़ में यह अवैध टेलीकॉम सेटअप चलाया जा रहा था। एसआईपी (सेशन इनिशिएशन प्रोटोकॉल) कनेक्शन का दुरुपयोग कर 21 दिनों के भीतर 45,453 आउटगोइंग कॉल्स किए जाने का खुलासा हुआ है। काशीपुर में ऑफिस किराए पर लेकर इंटरनेट और एसआईपी कनेक्शन लिया गया था। विदेशी कॉल्स को स्थानीय कॉल्स के रूप में दिखाने के लिए अवैध रूप से गेटवे को बाईपास किया जा रहा था। सॉफ्टवेयर के जरिए एक साथ बिना मानवीय हस्तक्षेप के हजारों नंबरों पर स्वचालित कॉल दागी जा रही थीं, जिनका इस्तेमाल प्रचार या संभावित साइबर ठगी के लिए हो सकता था। मौके से मिले कंप्यूटर सिस्टम में लिनक्स आधारित वर्चुअल मशीन, फ्री पीबीएक्स लॉगिन, रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर (एसएसएच क्लाइंट) और व्हाट्सएप चैट के जरिए एसआईपी ट्रंक व केबल से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।