जखोली के दरमोला ग्राम सभा में वन विभाग के दक्षिणी जखोली रेंज की ओर से आयोजित वन उपज से आजीविका संवर्धन विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार के नए आयाम को मजबूती देना था। प्रशिक्षण में ग्रामीणों को पिरुल, छेंती, बांस और घास जैसी स्थानीय वन उपज से राखी, सजावटी वस्तुएं, टोकरी, पेन होल्डर, फ्लावर पॉट समेत कई सुंदर वस्तुएं बनाना सिखाया गया। प्रतिभागी संगीता कुमेठी और अनिता देवी ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें नई संभावनाएं और आत्मविश्वास मिल रहा है। उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. दिवाकर पंत ने बताया कि स्थानीय वन उपज पर आधारित हस्तशिल्प उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ रही है। ऐसे में यह प्रशिक्षण ग्रामीणों के लिए एक सशक्त अवसर है।