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Pithoragarh: जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

गायत्री जोशी Updated Tue, 19 May 2026 04:52 PM IST

प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने का विरोध किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से एक सितंबर 2025 को टीईटी अनिवार्य किए जाने के अपने आदेश को मानवीय दृष्टि के आधार पर निरस्त किए जाने की अपील की है। इस मामले पर शिक्षक संघ ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के बाहर रामलीला मैदान में धरना दिया, जिसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। जिलेभर से आए शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षक सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांग पर रामलीला मैदान में धरना दिया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा। शिक्षक संघ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक शिक्षकों को सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए 55 वर्ष तक अनिवार्य टीईटी उत्तीर्ण का निर्णय दिया है। साथ ही कार्यरत शिक्षकों को दो साल के भीतर अनिवार्य टीईटी उत्तीर्ण करने और ऐसा न होने पर सेवानिवृति दिए जाने की बात कही है। संघ ने कहा कि इस फैसले से राज्य के लगभग 15 से 30 हजार शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रभावित हो रहे हैं। इस कारण शिक्षक और उनके परिजन तनावग्रस्त और भविष्य में जीवन यापन के लिए आशंकित हैं। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह रावत, महामंत्री महामंत्री खिलानन्द खोलिया, प्रदेश संयुक्त मंत्री हरीश कोठारी, मंडलीय अध्यक्ष सुरेंद्र ग्वासीकोटी, गोकुलानंद पंत, वीरेंद्र चन्याल, रामचंद्र पंडा, नवीन चंद्र, प्रकाश सिंह बोरा, जगदीश प्रसाद, धर्मपाल यादव, कमल प्रसा, मदन चंद, संजय वर्मा, गणेश सिंह नबियाल, मोहन द्विवेदी आदि शिक्षक उपस्थित रहे।

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