हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में “उत्तराखंड में महिला कृषि-उद्यमी: सतत आजीविका के लिए स्थानीय ज्ञान से वैश्विक लक्ष्यों की ओर” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी मंगलवार से शुरू हो गई है। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देश्य महिला कृषकों की भूमिका, पारंपरिक ज्ञान और सतत विकास में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करना है। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग और मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि इसमें महिला कृषक उद्यमिता, स्थानीय ज्ञान, सतत कृषि प्रणाली और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संगोष्ठी में कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही 35 महिला कृषक भी भाग ले रही हैं। इस अवसर पर मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन और ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के बीच एमओयू भी किया जाएगा।