प्रदेश सरकार की ओर से रजिस्ट्री बैनामा, वसीयत, विवाह पंजीकरण, दाखिल खारिज समेत अन्य कार्यों को कागज रहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ऑनलाइन व्यवस्था का नैनीताल जिला बार एसोसिएशन ने भी विरोध किया है। कहा कि हाईकोर्ट निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले नैनीताल के अधिवक्ता इस मामले में भी सकारात्मक निर्णय होने तक जंग का ऐलान करते हैं। अधिवक्ताओं ने गुरुवार से राजस्व न्यायालयों और उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसमें सरकार का पुतला भी फूंका गया तथा एडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिला न्यायालय में हुई सभा में अध्यक्ष ओंकार गोस्वामी ने कहा कि सरकार के इस फैसले से अधिवक्ताओं के विधि व्यवसाय को भारी नुकसान होगा, साथ ही उनके साथ ही कार्यरत लिपिक, कातिब और अन्य कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। सचिव संजय सुयाल ने ऑनलाइन रजिस्ट्री को आम जनता के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी की संभावनाएं बढ़ेंगी। पूर्व सचिव दीपक रूवाली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से फर्जी रजिस्ट्रियां तैयार किए जाने की आशंका जताई। कहा कि सरकार के इस फैसले से हजारों लोगों का रोजगार छिन जाएगा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार इस आदेश को निरस्त नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन और राजस्व न्यायालयों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।