प्रदेश सरकार ने जानबूझकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रकिया में गलतियां की हैं। सरकार पंचायत चुनाव कराना ही नहीं चाहती है। इसीलिए राज्य सरकार ने नियमों की अनदेखी कर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इसी कारण मामला कोर्ट भी पंहुचा। बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता में कहा कि कोर्ट के सामने जितने बिंदु आए हैं, उससे साफ है कि सरकार ने जान बूझकर यह गलतियां की हैं। कहा पंचायत राज्य एक्ट 2016 के अधीन रोस्टर बना हुआ है। लेकिन सरकार की ओर से बनाए रोस्टर में नियमों की धज्जियां उड़ा दी गईं। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार पंचायत चुनाव कराना ही नहीं चाहती। रावत ने आरोप लगाया कि सरकार अपने ही मनपसंद लोगों को खड़ा करके चुनाव जिताना चाहती है। पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश की धामी सरकार खनन माफिया, भू-माफिया को संरक्षण दे रही है। सरकार झूठ, लूट, फूट कर रही है, जिसके खिलाफ कांग्रेसी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और फेल रही सरकार की नीतियां बताकर लोगों को जागरूक करेंगे। राज्य के अंदर महिलाओं पर अत्याचार व दुष्कर्म के मामले बढ़े हैं और इन मामलों में सत्ता के लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। सरकार उन्हें छुपा रही है। बेरोजगारी चरम पर है। चारधाम यात्रा मार्ग पर लगातार सड़क और हवाई दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके बावजूद भी सरकार सबक नहीं ले रही। हरीश रावत ने कहा इस पर सरकार को नीतिगत फैसले लेने की आवश्यकता है।