पूर्णागिरि मेले की व्यवस्थाओं को लेकर एनएचपीसी सभागार में कुमांऊ आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि मेले में आने वाले श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। किसी भी यात्री को मेले के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने मेले के दौरान वाहनों और होटलों का किराया नियंत्रण, वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित करने को कहा। मंगलवार को समीक्षा बैठक कुमाऊं आयुक्त ने मेले की तैयारियों के संबंध में विभिन्न विभागों की अब तक की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को तीर्थ यात्रियों की यात्रा सुगम और सुरक्षित बनाने को निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा के तहत आईपी आधारित सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने, अस्थाई प्रकाश व्यवस्था, सोलर स्ट्रीट लाइट, हाई मास्क लाइट और बिजली के झूलते तारों को ठीक करने को कहा।मेलावधि में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ रखने, पर्याप्त चिकित्सक तैनात करने, ऑक्सीजन सिलिंडर, मोबाइल केयर यूनिट के अलावा एसडीआरएफ की टीम उपलब्ध कराने पर जोर दिया। भीड़ नियंत्रण के लिए पैदल मार्ग पर चेन डिवाइडर, मार्गों पर बैरिकेडिंग और साइन बोर्ड लगाने को कहा। फायर सेफ्टी के इंतजाम करने, धर्मशालाओं में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड किट रखना अनिवार्य करने की बात कही। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने और भंडारे के लिए सिंगल विंडो अनुमति देने को कहा। वहां एसडीएम नितेश डांगर, तहसीलदार जगदीश गिरि, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पवन सिंह, जिला पंचायत के अनिल रावत, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।