डीएम मनीष कुमार ने बंद एनएच और प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। मंगलवार को एडीएम जयवर्धन शर्मा के साथ स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बस्तिया गूंठ का जायजा लिया। उन्होंने एनएच को निर्देश दिए कि मार्गों से मलबा हटाने और यातायात सुचारु करने के लिए पर्याप्त संख्या में जेसीबी मशीनें और श्रमिक लगाए जाएं। कार्यवाही में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। इसके बाद डीएम ने लोहाघाट के बापरू क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित मार्गों को त्वरित रूप से खोलने की कार्यवाही करें और क्षेत्र की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। इस दौरान नीतू डांगर मौजूद रहीं। डीएम ने कहा कि भारी वर्षा के दौरान जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी उपजिलाधिकारी, राजस्व निरीक्षक और संबंधित विभागीय अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को यथाशीघ्र खोलने के लिए यांत्रिक और मानव संसाधन दोनों का पूर्ण उपयोग किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्गों एवं ग्रामीण सड़कों पर यातायात बहाली के लिए विभागीय समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही की जाए। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में विलंब न हो। इस दौरान सहायक अभियंता एनएच एनसी टम्टा आदि मौजूद रहे।