चंपावत जिले में टीबी मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए 100 दिन तक घर-घर जाकर अभियान चलाया जाएगा। इसमें आयुष विंग के चिकित्सक भी क्षय रोग विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे। जिले में अभियान के तहत गांव- गांव टीबी संभावित रोगियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान के तहत आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सक गांव-गांव जाकर निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का काम करेंगे। इसके लिए लोगों को जागरूक करेंगे। टीबी के संदिग्ध रोगी मिलने पर उनका इलाज शुरू किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सीएस भट्ट ने बताया कि 100 डे टीबी अभियान के तहत आयुष विंग को शामिल किया गया है। उन्होंने टीबी उन्मूलन में सभी से सहयोग की अपील की है। कहा कि टीबी होने पर घबराएं नहीं। इसका इलाज संभव है।