बागेश्वर जिले में प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती का विरोध, तत्काल पदोन्नति और वार्षिक स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग को लेकर शिक्षकों की चॉकडाउन हड़ताल जारी है। बुधवार को शिक्षकों ने सीईओ कार्यालय में नारेबाजी करते हुए धरना दिया। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। राजकीय शिक्षक संघ ने विगत 18 अगस्त से चॉकडाउन हड़ताल शुरू की थी। मंगलवार से एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन ने भी राशिसं के आंदोलन को समर्थन देने हुए चॉकडाउन कर दिया है। दोनों संगठनों ने संयुक्त रूप से सीईओ कार्यालय में धरना दिया। राशिसं के जिलाध्यक्ष गोपाल दत्त पंत ने कहा कि प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती से कई साल से पदोन्नति की बाट जोह रहे शिक्षकों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकेंगी। वार्षिक स्थानांतरण नहीं होने से कई शिक्षक लंबे समय से एक ही स्थान पर बने हुए हैं। सरकार से कई बार मांग करने के बावजूद अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण शिक्षक आंदोलन को मजबूर हुए हैं। एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय कुमार टम्टा ने कहा कि एक ओर प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती और दूसरी तरफ कलस्टर विद्यालय बनाने से पदोन्नति के रास्ते बंद किए जा रहे हैं। शिक्षकों को कक्षाएं छोड़कर सड़कों पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है। राशिसं के जिला मंत्री देवेंद्र सिंह मेहता ने कहा कि मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा।