बागेश्वर में ऑनलाइन अवैध ई-फार्मेसी के संचालन और बड़े कॉरपोरेट्स की मनमानी नीतियों के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिले के सभी मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में दवा व्यापारियों ने दुकानें बंद करने को ज्ञापन सौंपकर केंद्र व राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। बुधवार को नगर की सभी निजी दवा दुकानें बंद थीं। जिला अस्पताल में भी अवकाश होने के कारण दवा वितरण काउंटर पर ताला लटका रहा। इसके अलावा अस्पताल की पैथोलॉजी लैब भी बंद रही, जिससे ब्लड टेस्ट और अन्य जरूरी जांच कराने पहुंचे दूरदराज के मरीजों को बिना जांच कराए ही बैरंग लौटना पड़ा। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से सरकार को भेजे ज्ञापन में कहा कि देश के 12.40 लाख से अधिक केमिस्टों और उनसे जुड़े लगभग चार से पांच करोड़ आश्रितों की आजीविका पर गहरा संकट मंडरा रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल चंद्र जोशी और सचिव मदन हरड़िया ने बताया कि अनियंत्रित ई-फार्मेसी और कॉरपोरेट्स के शिकारी मूल्य निर्धारण की प्रवृत्तियां पारंपरिक औषधि वितरण प्रणाली को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शंकर दत्त खुल्बे, हरीश काण्डपाल, संगठन मंत्री हर्ष मेहरा, नंद किशोर कांडपाल, कोषाध्यक्ष भुवन चंद्र जोशी, संरक्षक हरीश चंद्र खुल्बे, महेश खेतवाल आदि मौजूद रहे।