जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पांच दिवसीय गणित लैब गतिविधि विकास आधारित कार्यशाला जारी है। विभिन्न विद्यालयों के गणित के 50 एलटी और सहायक अध्यापकों को एनसीईआरटी के प्रारंभिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष/प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार राजपूत का मार्गदर्शन मिल रहा है। वह विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने की बजाय दक्षता आधारित शिक्षण देने के गुर सिखा रहे हैं। कार्यशाला के दूसरे दिन के संबोधन में डाॅ. राजपूत ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को दक्ष बनाना है। इसके लिए कक्षा एक से आठ तक की नई किताबें लिखी जा चुकी हैं। नवीं से बारहवीं तक की किताबें भी अगले दो साल में पूरी कर ली जाएंगी। बताया कि एनईपी में भारतीय शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया जा रहा है। अब तक हम गणित और विज्ञान में केवल यूरोपीय नाम ही पढ़ते आए हैं अब इसमें भारत के गणितज्ञों और विज्ञानियों की उपलब्धियां भी शामिल होंगी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. भैरव दत्त पांडेय ने कहा कि माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर गणित शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से कार्यशाला कराई जा रही है।इसके माध्यम से कक्षा-कक्ष में गणित लैब गतिविधियों का प्रभावी उपयोग, गणितीय अवधारणाओं को ठोस, सरल और रोचक बनाने की तकनीक, स्वयं शिक्षण सामग्री निर्माण के कौशल की जानकारी दी जा रही है। इस मौके पर डायट प्राचार्य चक्षुष्पति अवस्थी आदि मौजूद रहे।