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काशी तमिल संगमम में वैदिक गणित की जानकारी ले रहे युवा, VIDEO

अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 11 Dec 2025 07:17 PM IST

नमो घाट पर काशी तमिल संगमम् के आयोजन के तहत कई स्टाॅल लगाए गए हैं। इसमें हस्तशिल्प और जानकारीपरक चीजों को देखकर लोग आकर्षित हो रहे हैं। इसी में एक स्टाॅल वैदिक गणित से संबंधित लगाया गया है। इसमें डाॅ. विकास खत्री प्रतिदिन बच्चों और युवाओं को अच्छी जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वैदिक गणित भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा का वह अनमोल हिस्सा है, जिसने गणित को कठिन नहीं बल्कि बेहद आसान और आनंददायक बनाया। इसे श्री भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज ने वेदों के 16 सूत्रों और 13 उपसूत्रों के आधार पर व्यवस्थित किया। इसकी खासियत यह है कि जटिल से जटिल गणितीय सवाल भी मौखिक रूप से कुछ ही सेकंड में हल किए जा सकते हैं। विशेषकर जोड़, घटाव, गुणा, भाग, वर्ग, वर्गमूल और बीजगणित जैसे विषयों में वैदिक तकनीकें समय की भारी बचत करती हैं। वैदिक गणित का उद्देश्य सिर्फ गणना करना नहीं, बल्कि दिमाग की एकाग्रता और विश्लेषण क्षमता को भी बढ़ाना है। यह बच्चों में गणित के प्रति डर को खत्म करता है और प्रतियोगी परीक्षाओं में समय प्रबंधन में मदद करता है। इसकी विधियां इतनी सरल, तार्किक और रोचक हैं कि सामान्य विद्यार्थी से लेकर प्रतियोगी परीक्षार्थी तक सभी के लिए उपयोगी बन जाती हैं। आज के डिजिटल युग में भी वैदिक गणित की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है। बल्कि स्मार्ट कैलकुलेशन की बढ़ती जरूरत के बीच यह और महत्वपूर्ण हो गया है। यह भारतीय गणितीय विरासत का ऐसा खजाना है जो आधुनिक शिक्षा को गति और सरलता दोनों प्रदान करता है।

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