गुरुनानक देव महाराज के 555वें प्रकाशोत्सव की पूर्व संध्या पर गुरुबाग गुरुद्वारा दुल्हन की तरह सजा रहा। विद्युत झालरों से जगमग गुरुद्वारे में मत्था टेकने के लिए संगत की कतार लगी रही। अमृतसर और शिमला से आए हजूरी जत्थे ने गुरुवाणी की महिमा का गानकर संगत को निहाल किया।