वैशाख महीने की बुद्ध पूर्णिमा को दशाश्वमेध घाट पर मां बड़ी शीतला माता का वार्षिक श्रृंगार और जलाभिषेक सोमवार को किया गया। मान्यता है कि साल में एक दिन माता का जलाभिषेक श्रद्धालु अपने हाथों से गंगाजल और नीम के पत्तों से करते हैं। जिससे पूरे साल शीतलता बनी रहे। मंदिर के प्रधान पुजारी ने बताया की वैशाख महीने की पूर्णिमा को माता शीतला का जलाभिषेक किया जाता है और नीम के पत्ते से मां को स्नान कराया जाता है। जिससे वर्ष भर किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता है और माता का चंदन से श्रृंगार होता है। यह मनोकामना की जाती है कि साल भर मां भक्तों पर शीतलता बनाए रखें।