राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बेटा-बेटियों में भेदभाव को भी आड़े हाथों लेते हुए बच्चियों को शिक्षित करने तथा उनके स्वास्थ्य की देखभाल करने और बच्चियों के भविष्य की जिम्मेदारी संभालने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गांव का कोई बच्चा नहीं छूटने पाए, ये सभी भी सामूहिक जिम्मेदारी है की बच्चों को केंद्रों तक पहुंचाए। इस दौरान उन्होंने सभी को रंगभरी एकादशी की शुभकामनाएं दीं।