काशी विरासत संरक्षण समिति के तत्वावधान में आयोजित काशी वंदन सांस्कृतिक संध्या में उपशास्त्रीय संगीत गायन का कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पटना की सिम्मी कुमारी ने भजन- भगवान मेरे आए, मैं तो शिव की पुजारन बनूंगी और होली मोरे कान्हा जो आए... इसके पश्चात उन्होंने गजल- दिल ना मिलते तो... गाया। श्रोतागणों ने खूब तालियां बजाईं। इनके साथ तबले पर प्रशांत साहनी और हारमोनियम पर योगेश मिश्रा ने कुशल संगत किया। समापन एवं धन्यवाद ज्ञापन काशी विरासत संरक्षण समिति के सदस्य ने किया।