काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली शयन आरती भगवान शिव के विश्राम का प्रतीक मानी जाती है। यह आरती रात में मंदिर के पट बंद होने से पहले विधि-विधान से की जाती है। इसमें विशेष भजन, मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ बाबा विश्वनाथ को शयन कराया जाता है। श्रद्धालु इस आरती के दर्शन को अत्यंत शुभ मानते हैं। वातावरण भक्तिमय हो जाता है और मंदिर परिसर में अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। शयन आरती के बाद ही मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं, जिससे दिनभर की पूजा-अर्चना का समापन होता है।