नगर निगम के वार्ड संख्या 57 स्थित मदरवां की श्रीवैष्णव मठ वाली गली में रहने वाले करीब 300 लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बारिश के मौसम में सीवर जाम होने के कारण पूरी गली में जलभराव हो जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। वहीं, बिजली के पोल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन तारों का समुचित प्रबंधन नहीं होने से कई स्थानों पर बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गली इतनी संकरी है कि कई जगह घरों के दरवाजे खोलने पर उनका संपर्क लटकते बिजली के तारों से हो जाता है। ऐसे में हर समय करंट लगने का खतरा बना रहता है। सबसे अधिक चिंता बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर है, जो रोजाना इसी रास्ते से गुजरते हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बारिश के दौरान सीवर जाम होने से गंदा पानी गली में भर जाता है। इससे न केवल लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी गली में स्थित श्रीवैष्णव मठ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं को भी जलभराव और लटकते बिजली के तारों के बीच होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके मन में भी दुर्घटना का भय बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार क्षेत्रीय सभासद और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि केवल आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और बिजली विभाग से मांग की है कि सीवर व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए तथा लटकते बिजली के तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित कराया जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले लोगों को राहत मिल सके।