सामनेघाट (मदरवां) स्थित श्री वैष्णव मठ के पीठासीन अधिकारी श्रीमज्जगद्गुरु स्वामी संपतकुमाराचार्य ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित घपलेबाजी के आरोपों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि चंदे के धन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो यह करोड़ों सनातनियों की आस्था के साथ खिलवाड़ है और अत्यंत निराशाजनक है। स्वामी संपतकुमाराचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास के केंद्र हैं। ऐसे में राम मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए धन के उपयोग में पारदर्शिता होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और यदि कोई व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाती है तो उसे समाज के सामने लाकर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इससे जनता का विश्वास कायम रहेगा और भविष्य में धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।