दशाश्वमेध घाट के किनारे कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए संदेश देने का काम किया गया।गर्भ में मारी गयी बेटियों के मोक्ष की कामना लिए निजी संस्था द्वारा वैदिक परम्परा के अनुसार श्राद्ध कर्म और जल तर्पण कराया गया। गंगा तट पर 18 हजार पिंड निर्माण कर मन्त्रों से आह्वान किया गया और बारी बारी मृतक को प्रतीक स्वरूप स्थापित कर उनके मोक्ष की कामना की गयी। पांच वैदिक ब्राह्मण इस कर्म में शरीक हुए। गौरतलब है कि निजी संस्था प्रतिवर्ष पितृ पक्ष के मातृ नवमी को अजन्मी बेटियों का सनातन परम्परा और पूरे विधि विधान से श्राद्ध कर उनके मोक्ष की कामना करती है। जिसका मकसद भ्रूण हत्या के संदेश को प्रसारित करना होता है।