फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दशाश्वमेध घाट पर गूंजा स्वच्छता और संस्कृति का संदेश, VIDEO

Aman Vishwakarma Updated Mon, 04 May 2026 11:17 AM IST

दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के बीच जब गूंजा—“हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है…” तो आस्था एक संकल्प में बदल गई। गंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में होने वाली गंगा आरती के दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने हजारों श्रद्धालुओं को मां गंगा के समक्ष स्वच्छता, सुरक्षा और संरक्षण का वचन दिलाया। हमारी संस्कृति - हमारी जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति समर्पण का सशक्त संदेश दिया गया। गंगा आरती के जीवंत दृश्य के बीच स्वच्छता की अलख जगाकर, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। 'सबका साथ हो, गंगा साफ हो' जैसे नारों के साथ, घाटों पर कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक, साबुन और डिटर्जेंट न डालने की अपील की गई। श्रद्धालुओं को बताया गया कि नाव पर सवारी करते समय लाइफ जैकेट अवश्य पहनें। नाविकों को क्षमता से अधिक सवारी न बठाने के नियम का पालन करने की ताकीद की गई। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा केवल नदी नहीं—हमारी पहचान, हमारी आस्था और हमारी विरासत है। इसे स्वच्छ रखना, हम सभी का कर्तव्य है। गंगा भारतीय संस्कृति में जीवन, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है, इसलिए इसका संरक्षण अनिवार्य है। श्रद्धालुओं से निवेदन है कि सुरक्षा नियमों का पालन करे। इस दौरान मयंक दुबे, गंगा आरती अर्चक पं. सीताराम शास्त्री और हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें