राष्ट्रीय विकास मंच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. पीके तिवारी ने पृथक पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर एक प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूर्वांचल श्रम क्षेत्र में लेबर जोन बनकर रह गया है। पिछली बसपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास हेतु छोटे राज्य के संदर्भ में विधानसभा में प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया गया। लेकिन पूर्वांचल के विरोधी भाजपा सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। डाॅ. तिवारी ने कहा जब तक पृथक पूर्वांचल राज्य का गठन नहीं हो जाता है। तब राष्ट्रीय विकास मंच पार्टी आंदोलन करती रहेगी। उत्तर प्रदेश महिला मोर्चा मंडल प्रभारी आशा सिंह ने बताया कि यहां का मुख्य व्यवसाय खेती है। इसके अलावा न तो यहाँ काई कारखाना है न कोई रोजगार। यहां के नौजवान रोजी-रोटी की तलाश में कलकत्ता, मुम्बई, दिल्ली जैसे महानगरों में रोजी-रोटी की तलाश में जाता है। परंतु लॉकडाउन में जो पूर्वांचल के नौजवानों के साथ इन महानगरों में हुआ है। वह किसी छिपी हुई नहीं है। अगर यहां रोजगार होता तो हमारे नौजवान भाइयों को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र गिरि ने बताया कि छोटे-छोटे आबादी वाले राज्य हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड, झारखण्ड आदि राज्य विकास की ओर अग्रसर है। वहीं, 28 सांसद व 147 विधायक होने के बावजूद पृथक पूर्वांचल राज्य न बनाये जाना पश्चिमी उप्र के नेताओं के साजिश का द्योतक है। इस दाैरान इंदू पांडेय, काशी नाथ यादव, संतोष, कुंवर सिंह, सुनीता देवी, धनंजय कुमार पटेल, मनोज कुमार जायसवाल, सोनी सिंह, अर्चना श्रीवास्तव, रेखा पांडेय, विकास तिवारी, प्रमोद उपाध्याय, बलदाऊ तिवारी आदि लोग उपस्थित थे।