काशी की अंतरगृही परिक्रमा शुक्रवार को पूर्ण हुई। श्रद्धालुओं ने 24 घंटे में 25 किलोमीटर की दूरी तय की। मणिकर्णिका पर संकल्प लेकर शुरू हुई यात्रा का संकल्प वापस मणिकर्णिका घाट पर ही पूर्ण हुआ। श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ और बाबा कालभैरव का दर्शन पूजन करने के बाद अपने-अपने घरों के लिए प्रस्थान किया। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मंगलवार को मणिकर्णिका घाट से पारंपरिक अंतरगृही यात्रा की शुरुआत हुई थी। आसपास के शहरों और गांवों से बड़ी संख्या में आस्थावान यात्री काशी पहुंचकर इस वार्षिक परंपरा में शामिल हुए। काशी तीर्थ पुरोहित सभा के अध्यक्ष मनीष नंदन मिश्रा ने बताया कि यात्रा की शुरुआत मणिकर्णिका घाट पर स्नान और संकल्प के साथ हुई थी। इसके बाद श्रद्धालु निर्धारित क्रम में जौ विनायक, ज्ञानवापी कूप, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित काशी के प्रमुख शिवालयों का दर्शन-पूजन करते हैं। सभी स्थल भ्रमण के बाद यात्रा का समापन पुनः मणिकर्णिका घाट पर ही हुआ।