सुल्तानपुर में लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूर्ण हुआ। 25 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ शुरू हुए इस पर्व का समापन प्रातः काल ऊषा अर्घ्य के साथ हुआ। इस दौरान व्रती महिलाओं ने 36 घंटे के निर्जला उपवास के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करके परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की दीर्घायु की कामना की। भोर होते ही जिलेभर में श्रद्धालुओं की भीड़ गोमती नदी के घाटों और तालाबों की ओर उमड़ पड़ी। शहर के सीताकुंड धाम स्थित घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। महिलाएं सूप, डलिया, फल, गन्ना और पूजा सामग्री के साथ घाटों पर पहुंचीं और बेदी बनाकर पूजन की तैयारी में जुट गईं। ढोल-नगाड़ों और छठी मइया के गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। जैसे ही पूर्व दिशा में सूर्यदेव के दर्शन हुए जय छठी मइया और सूरज देव के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। महिलाएं हाथ जोड़कर परिवार की मंगलकामना करती दिखीं। नगर प्रशासन और पुलिस विभाग ने भीड़ को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। सफाई और प्रकाश व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत की ओर से विशेष तैयारी की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।